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56 इंच का सीना है तो दिखाइए ताकत” — ओवैसी का मोदी सरकार पर तीखा हमला, आतंकवाद और विदेश नीति पर खड़े किए सवाल

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56 इंच का सीना है तो दिखाइए ताकत” — ओवैसी का मोदी सरकार पर तीखा हमला, आतंकवाद और विदेश नीति पर खड़े किए सवाल

भास्कर न्यूज24।नई दिल्ली।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर आतंकवाद के मुद्दे को लेकर बड़ा और सनसनीखेज हमला बोला है। ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित वेनेजुएला ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि जब अमेरिका किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर सकता है, तो भारत उन आतंकियों को क्यों नहीं पकड़ सकता जो देश में खून-खराबा मचाकर आज खुलेआम विदेशों में घूम रहे हैं।

ओवैसी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाने वाला माना जा रहा है।

“पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को भारत क्यों नहीं लाया जाता?”

प्रधानमंत्री मोदी के चर्चित “56 इंच के सीने” वाले बयान पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर नेतृत्व इतना मजबूत है, तो पाकिस्तान में छिपे आतंकियों को पकड़कर भारत क्यों नहीं लाया जाता।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा भाषणों और चुनावी नारों से नहीं, बल्कि ठोस और साहसिक कार्रवाई से होती है।

26/11 के गुनहगार आज भी बाहर सुरक्षित: ओवैसी

ओवैसी ने इशारों में 26/11 जैसे बड़े आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई कुख्यात आतंकी आज भी भारत के बाहर सुरक्षित बैठे हैं, लेकिन सरकार उन्हें सज़ा दिलाने में नाकाम रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक सिर्फ बयानबाजी से काम चलाया जाएगा।

वेनेजुएला ऑपरेशन से तुलना, भारत की विदेश नीति पर सवाल

ओवैसी ने कहा कि जब अमेरिका अपनी ताकत का इस्तेमाल कर दूसरे देश में ऑपरेशन कर सकता है, तो भारत क्यों पीछे हटता है।

उन्होंने पूछा कि क्या भारत की विदेश नीति इतनी कमजोर है कि वह अपने दुश्मनों को सज़ा तक नहीं दिला सकती?

ओवैसी ने केंद्र सरकार से आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस रणनीति सामने रखने की मांग की।

चुनावी माहौल में बयान से बढ़ी सियासी गर्मी

ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है।

विपक्ष इसे सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल के समर्थकों ने बयान को गैर-जिम्मेदाराना और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओवैसी के इस बयान से आतंकवाद, विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गए हैं और आने वाले दिनों में बयानबाजी और तेज हो सकती है।

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