Thursday, April 30, 2026
Google search engine
HomeReligionशिवरात्रि से पहले जाग उठी नाथनगरी, आस्था और आकर्षण का अनोखा संगम

शिवरात्रि से पहले जाग उठी नाथनगरी, आस्था और आकर्षण का अनोखा संगम

शिवरात्रि से पहले जाग उठी नाथनगरी, आस्था और आकर्षण का अनोखा संगम

Oplus_0

रिपोर्ट /सत्य प्रकाश 

बरेली। महाशिवरात्रि के आगमन से पूर्व नाथनगरी बरेली का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया है। शहर की फिजाओं में भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। शाम ढलते ही प्रमुख मार्गों और चौराहों पर जगमगाती रोशनी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करा रही है।

इस बार तैयारियों में केवल सजावट ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को उभारने का विशेष प्रयास किया गया है। प्रवेश द्वारों से लेकर बाजारों तक शिव तत्व को प्रतीकों, प्रकाश और पुष्पों के माध्यम से जीवंत किया गया है।

शहर के द्वार बने आस्था के प्रतीक

Oplus_0

शहर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत विशाल धार्मिक प्रतिमाओं और थीम आधारित सजावट से हो रहा है। दिल्ली रोड की ओर से आने वालों के लिए झुमका तिराहे को विशेष रूप दिया गया है, जहां नंदी की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं लखनऊ मार्ग पर स्थापित नटराज स्वरूप शिव की झांकी भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।

इन स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहा है।

बाजारों में शिवमय साज-सज्जा

Oplus_0

सराफा बाजार, किला और कुतुबखाना क्षेत्र सहित प्रमुख व्यापारिक इलाकों में फूलों और रंगीन रोशनी से सजावट की गई है। डमरू, त्रिशूल, चंद्र और शिवलिंग की आकृतियां शहर के सौंदर्य को नई पहचान दे रही हैं। व्यापारी वर्ग भी इस पर्व को लेकर उत्साहित है और अपने प्रतिष्ठानों को विशेष रूप से सजा रहा है।

मंदिरों में भक्ति का उत्कर्ष

Oplus_0

शहर के प्राचीन शिव मंदिरों में विशेष साफ-सफाई, पुष्प श्रृंगार और डिजिटल लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। संध्या आरती के समय भजन-कीर्तन और शिवधुन से वातावरण गूंज उठता है। श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।

आस्था के साथ पर्यटन को बढ़ावा

इस बार की तैयारियों में शहर की धार्मिक पहचान को और मजबूत करने की सोच झलकती है। प्रशासनिक स्तर पर प्रयास है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर आने वाले श्रद्धालु केवल पूजा-अर्चना ही नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत का भी अनुभव करें।

नाथनगरी का यह स्वरूप न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि बरेली को धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।

महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर पूरा शहर मानो एक स्वर में गूंज रहा है —

हर-हर महादेव! 🕉️

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments