धामी सरकार का आपदा प्रबंधन पर बड़ा फोकस, हर जिले में होगी तैयारी मजबूत
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर भीमताल में आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यशाला, मंत्री मदन कौशिक ने किया शुभारंभ।सहसंपादक हरीश भाकुनी हल्द्वानी
भीमताल, 7 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड के सभी जनपदों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का शुभारंभ पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने किया।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के आपदा प्रबंधन तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक, मजबूत सूचना तंत्र, बेहतर विभागीय समन्वय और रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। बड़ी आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों से नुकसान को कम करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग भी जरूरी है।
राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य जनपद स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और अधिकारियों-कर्मचारियों को आपदा के प्रति सजग एवं प्रशिक्षित करना है।
आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (से.नि.) ने आपदा के दौरान त्वरित रिस्पॉन्स, खोज-बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं जवानों को भी राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
अपर सचिव आपदा प्रबंधन प्रकाश चन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सभी जनपदों में कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, समन्वित कार्रवाई और आधुनिक आपदा प्रबंधन तंत्र के प्रति प्रशिक्षित करना है।
तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण फ्रेमवर्क, Incident Response System (IRS), GIS प्रणाली, सचेत एप, आपदा प्रबंधन क्षमता विकास, IDRN पोर्टल एवं मोबाइल एप के उपयोग सहित पूर्व चेतावनी, बचाव और राहत कार्यों की जानकारी दी।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंत्री मदन कौशिक का बुके भेंट कर स्वागत किया तथा मानसून काल में जनपद में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान, राहत कार्यों एवं पुनर्निर्माण के लिए विभागों को आवंटित धनराशि की जानकारी दी।
कार्यशाला में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विनय रुहेला, रघुवीर सिंह भंडारी, दर्जा राज्य मंत्री भावना मेहरा, ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
