फय्याज़ अस्पताल पर नगर निगम का शिकंजा: 1.61 लाख जुर्माना न भरने पर दर्ज हुई FIR,
यूपी हेड/ फिरोज़ खान
रिपोर्ट/सत्यप्रकाश
बरेली में नगर निगम ने अपनी सख्ती का परिचय देते हुए मिनी बाईपास रोड स्थित फय्याज़ अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और जुर्माना न भरने के मामले में अस्पताल प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यह कार्रवाई शहर में निगम की सड़कों और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर नगर आयुक्त द्वारा शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है।
मामला क्या है?
जानकारी के अनुसार, वार्ड-29 रहपुरा चौधरी क्षेत्र में स्थित फय्याज़ अस्पताल के प्रबंधक पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के नगर निगम की सड़क पर खुदाई कर दी। खुदाई से सड़क को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिससे नगर निगम को वित्तीय हानि हुई।
मामले की जांच के बाद नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के आदेश पर अस्पताल प्रबंधक पर ₹1,61,100 का जुर्माना लगाया गया था और यह राशि 17 सितंबर 2025 तक नगर निगम कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
जुर्माना न भरने पर निगम ने अपनाई सख्ती
निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने जुर्माना नहीं भरा। इस पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए मामला पुलिस के पास भेज दिया। नगर निगम के अवर अभियंता अनुराग कमल ने इज्जतनगर थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने फय्याज़ अस्पताल प्रबंधक शाहबाज अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
निगम का रुख: “संपत्ति को नुकसान बर्दाश्त नहीं”
बरेली नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा
“यह सिर्फ जुर्माने की बात नहीं, बल्कि नगर निगम की संपत्ति की सुरक्षा और नियमों के पालन का सवाल है। सड़क या अन्य नगर संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
निगम प्रशासन अब इस पूरे मामले पर करीबी नजर रखे हुए है और आवश्यकतानुसार आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।
अस्पताल प्रबंधक फय्याज़ अस्पताल के मालिक शाहबाज अली ने सफाई दी है कि अस्पताल के सामने की सड़क पहले से ही बेहद खराब थी, जिससे मरीजों को परेशानी होती थी। उन्होंने कहा
“हमने मरीजों की सुविधा के लिए अपने खर्चे पर सड़क की मरम्मत करवाई थी, नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।”
क्या है आगे की राह
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में कई जगह बिना अनुमति खुदाई या निर्माण कार्य कर निगम संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसे सभी मामलों की जांच शुरू कर दी गई है, और दोषियों के खिलाफ इसी तरह की एफआईआर कार्रवाई जारी रहेगी।
फय्याज़ अस्पताल पर दर्ज हुई यह एफआईआर नगर निगम की बदलती कार्यशैली का संकेत है। निगम अब अपनी संपत्तियों को लेकर नरमी नहीं दिखा रहा। यह मामला बाकी संस्थानों और बिल्डरों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों के साथ छेड़छाड़ की कीमत अब भारी पड़ेगी।
