बोर्ड परीक्षा-2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट
92 हजार से अधिक परीक्षार्थी, 130 केंद्रों पर होगी परीक्षा
नकल कराने पर 10 साल की सजा और 10 लाख जुर्माने का प्रावधान
रिपोर्ट/सत्य प्रकाश
बरेली, 14 फरवरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की बोर्ड परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, सकुशल एवं नकलविहीन संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शनिवार को अर्बन हाट सभागार में अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे और पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारिक की अध्यक्षता में जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल पुलिस अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक एवं अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता नकल विहीन परीक्षा कराना है, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।
18 फरवरी से 12 मार्च तक होंगी परीक्षाएं
अपर जिलाधिकारी नगर ने बताया कि 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा में जनपद के लगभग 92,135 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा 130 केंद्रों पर कराई जाएगी, जिनमें 129 केंद्र विद्यालयों में तथा एक केंद्र केंद्रीय कारागार में बनाया गया है।
जनपद को 7 जोन और 17 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। 129 स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जोनल पुलिस अधिकारी एवं पुलिस स्टेटिक अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका नंबर 0581-2427433 है।
संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी
जनपद के 9 संवेदनशील और 4 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर पुलिस अधिकारियों द्वारा निरंतर चेकिंग की जाएगी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो परीक्षा समाप्ति तक वहीं तैनात रहेंगे।
परीक्षा अवधि में महिला कांस्टेबल भी तैनात रहेंगी और छात्राओं की चेकिंग महिला कर्मियों द्वारा ही की जाएगी। परीक्षा केंद्र के एक किलोमीटर के दायरे में फोटोस्टेट/जेरॉक्स की दुकानें बंद रहेंगी।
सख्त कानूनी प्रावधान
पुलिस अधीक्षक नगर ने बताया कि परीक्षा में अनुचित सहायता देने या देने का प्रयास करने पर 10 वर्ष तक का कारावास और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम-2024 के अंतर्गत परीक्षा में बाधा उत्पन्न करने या उसे प्रभावित करने पर अधिकतम आजीवन कारावास एवं एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी अधिकारी आपस में मोबाइल नंबर साझा करें। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी सूची की प्रति जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। मेडिकल आधार पर छूट केवल मुख्य चिकित्साधिकारी की लिखित संस्तुति पर ही मान्य होगी।
बैठक में उपजिलाधिकारी फरीदपुर मल्लिका नैन, उपजिलाधिकारी आंवला विदुषी सिंह, उपजिलाधिकारी मीरगंज आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी राम जनम यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक अजीत कुमार, सह जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. गिरीश, प्रधानाचार्य ओ.पी. राय, प्रधानाचार्य लोकेश चंद्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा-2026 को पूर्ण पारदर्शिता और कड़ी निगरानी के साथ संपन्न कराया जाएगा।


