लखनऊ अग्निकांड के बाद बरेली में सख्ती, ओमेगा क्लासेस सील; कई कोचिंग संस्थान जांच के घेरे में
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बरेली प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दूसरे दिन बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजेंद्र नगर स्थित ओमेगा क्लासेस को सील कर दिया। जांच में संस्थान में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।
अधिकारियों के अनुसार ओमेगा क्लासेस बिना आवश्यक अनुमतियों के संचालित की जा रही थी। संस्थान के पास न तो बीडीए की स्वीकृति थी और न ही फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों को वहां पढ़ाया जा रहा था, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
निरीक्षण के दौरान टीम उस समय हैरान रह गई जब एक ही कमरे में करीब 150 छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित होती मिलीं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए छात्रों को अत्यधिक भीड़भाड़ वाले वातावरण में पढ़ाया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में इतने छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद कठिन हो सकता था, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शहर के कई भवन, जिन्हें आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, उनमें बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कई मकानों में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, लेकिन वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कई इमारतों में बेहद संकरी सीढ़ियां भी पाईं। कुछ स्थानों पर सीढ़ियों की चौड़ाई मात्र एक फीट के आसपास मिली, जिसे देखकर टीम ने गंभीर चिंता व्यक्त की। बीडीए अधिकारियों का कहना है कि आग या अन्य आपदा की स्थिति में ऐसे रास्ते छात्रों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना फायर सेफ्टी इंतजाम, आपातकालीन निकास और आवश्यक अनुमति के संचालित संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राधिकरण ने शहर के ऐसे सभी कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है जो नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। जल्द ही भवन स्वामियों और संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रशासन के रडार पर शहर के कई बड़े और चर्चित कोचिंग संस्थान भी हैं। अधिकारियों का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
