प्रयागराज में पत्रकार की बेरहमी से हत्या: 25 बार चाकू से गोदा,

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प्रयागराज में पत्रकार की बेरहमी से हत्या: 25 बार चाकू से गोदा,

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली

आंतें बाहर आईं दो घंटे में आरोपी विशाल मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

प्रयागराज/शहर में गुरुवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात ने सभी को स्तब्ध कर दिया। एक मीडियाकर्मी की चाकू से ताबड़तोड़ 25 से अधिक वार कर हत्या कर दी गई। हमलावरों की दरिंदगी का आलम यह था कि मृतक की आंतें बाहर निकल आईं।

लहूलुहान हालत में जब उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने कई घंटे तक इलाज किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना के दो घंटे के भीतर ही एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

हर्ष होटल के सामने हुई सनसनीखेज वारदात

वारदात प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में हर्ष होटल के सामने गुरुवार रात करीब 10:30 बजे हुई।

मीडियाकर्मी एल.एन. सिंह उर्फ पप्पू, जो मूल रूप से बलिया के रहने वाले थे और धूमनगंज के शकुंतला कुंज कॉलोनी में रहते थे, किसी काम से जीएचएस रोड गए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वहां उनकी मुलाकात साहिल नाम के युवक से हुई, जिससे उनका झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ी कि साहिल के साथ मौजूद उसके साथी विशाल समेत अन्य हमलावरों ने चाकुओं से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले की तीव्रता इतनी थी कि मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। एल.एन. सिंह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े और कुछ ही मिनटों में बेहोश हो गए।

मौत से पहले चाचा को आखिरी कॉल“चाचा, मुझे बचा लीजिए…”

इस वारदात से ठीक पहले एल.एन. सिंह ने अपने चाचा, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह को फोन कर कहा

“चाचा, मुझे बचा लीजिए, ये लोग मुझे मार देंगे।”

अशोक सिंह ने तुरंत अपने जूनियर वकील और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को सूचना दी और मौके की ओर दौड़े। लेकिन जब तक वे पहुंचे, दृश्य भयावह था एल.एन. सिंह खून से लथपथ पड़े थे, शरीर पर जगह-जगह चाकू के निशान थे,और आंतें बाहर आ चुकी थीं। उन्हें तुरंत एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पत्रकारों का गुस्सा देख तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. अजयपाल शर्मा ने तुरंत टीम गठित की।

सीसीटीवी फुटेज से मुख्य आरोपी विशाल की पहचान की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह नेहरू पार्क के पास छिपा है।
जैसे ही पुलिस ने उसे घेरा, उसने फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें उसके पैर में तीन गोलियां लगीं।
उसे घायल अवस्था में एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि हालत सुधरने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी।

एक दिन पहले भी हुआ था झगड़ा, पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि एल.एन. सिंह का आरोपियों से बुधवार को भी झगड़ा हुआ था।
दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो गुरुवार रात फिर भड़क उठा।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की असल वजह क्या थी व्यक्तिगत रंजिश, खबर से जुड़ा मामला या आपसी लेनदेन।

पुलिस अफसर बोले “पेशेवर हत्यारों जैसी बर्बर वारदात”

एडिशनल सीपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने कहा

“यह हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है। आरोपी विशाल को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है।
उसके बाकी साथियों की तलाश जारी है। मामले की हर एंगल से जांच हो रही है।”

कौन थे एल.एन. सिंह?

एल.एन. सिंह पिछले कई वर्षों से प्रयागराज में पत्रकारिता कर रहे थे और एक निजी चैनल से जुड़े हुए थे।

साफगोई और बेबाकी के लिए वह मीडिया जगत में जाने जाते थे।

स्थानीय पत्रकारों ने उनके साथ हुई निर्मम हत्या पर गहरा आक्रोश और शोक जताया है।

पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि सभी आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश कर कड़ी सजा दी जाए।

पत्रकार समाज में उबाल सिर्फ हत्यारों की नहीं, साजिशकर्ताओं की भी हो जांच”

इस वारदात के बाद प्रयागराज ही नहीं, पूरे प्रदेश के मीडियाकर्मियों में आक्रोश है।

पत्रकार संगठनों ने कहा है कि सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि

“पत्रकारों की आवाज़ दबाने वालों को बख्शा न जाए, चाहे वे कितने भी रसूखदार क्यों न हों।”

अब सवाल यह है क्या एल.एन. सिंह की हत्या महज़ आपसी रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?

पुलिस अब इस बर्बर हत्याकांड के हर पहलू को खंगालने में जुटी है, जबकि प्रयागराज शहर एक बार फिर सवाल कर रहा है.

“क्या पत्रकार अब सच लिखने की कीमत अपनी जान देकर चुकाएंगे?”

 

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Author: Bhaskar News 24

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