खाद की कालाबाजारी पर बरेली पुलिस की बड़ी कार्रवाई:
फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली
देवरनियां में 50 बोरी डीएपी बरामद, दो गिरफ्तार सहकारी समिति में भी रातभर चलता रहा ब्लैक का खेल
बरेली। किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वालों पर बरेली पुलिस और प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। एक ओर देवरनियां पुलिस ने 50 बोरी अवैध डीएपी खाद के साथ दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है,
तो दूसरी ओर फरीदपुर की ढंढूली सहकारी समिति में खाद की कालाबाजारी का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। दिन में किसानों को “खाद खत्म है” कहकर लौटाने वाली समिति रात में ट्रॉली में डीएपी खाद भरते पकड़ी गई।
देवरनियां पुलिस की सटीक कार्रवाई दो गिरफ्तार, 50 बोरी डीएपी जब्त
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना देवरनियां पुलिस को शनिवार रात बड़ी सफलता मिली। उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, कांस्टेबल बिट्टू सिंह और सतेंद्र कुमार की टीम ने चेकिंग के दौरान एक पिकअप (नंबर UP25GT3253) को रोका। तलाशी में उसमें इफको ब्रांड की 50 बोरी डीएपी खाद बरामद हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शफात अली पुत्र शेरशाह निवासी सलार नगला और इमरान अली पुत्र हसन अली निवासी वार्ड 13 देवरनियां के रूप में हुई। दोनों खाद के कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। कृषि विभाग से पुष्टि के बाद खाद अवैध पाई गई। जिलाधिकारी की अनुमति से मु.अ.सं. 484/2025 धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में दोनों ने कबूला कि वे प्रदीप नामक व्यक्ति के कहने पर, जो देवरनियां में इफको के नाम से खाद की दुकान चलाता है, बहेड़ी से खाद लोड कर ला रहे थे। पुलिस अब इस प्रदीप की तलाश में जुट गई है।
सहकारी समिति में “दिन में खत्म, रात में ब्लैक” का खेल ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर किया खुलासा
इधर फरीदपुर क्षेत्र की ढंढूली सहकारी समिति में भी खाद की कालाबाजारी का मामला उजागर हुआ। शनिवार रात ग्रामीणों ने समिति परिसर में ट्रॉली में डीएपी खाद भरते लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेज दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। जांच के बाद एआर कोऑपरेटिव बृजेश सिंह परिहार ने समिति सचिव सोनपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दे दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दिन में किसानों को “स्टॉक खत्म” कहकर लौटा दिया गया था, जबकि रात में वही खाद ट्रॉली में भरकर बाहर भेजी जा रही थी।
किसानों में आक्रोश “सरकारी समितियों में हो रही लूट”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे भ्रष्ट सचिवों और विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि किसानों को उनका हक मिल सके। किसानों का कहना है कि सरकारी समितियों में खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग चल रही है, और अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं।
“दिन में ‘खाद खत्म’ का झूठ और रात में ब्लैक मार्केटिंग का खेल सहकारी समितियों की साख पर गहरा सवाल।”
बरेली में खाद की कालाबाजारी पर अब पुलिस और प्रशासन दोनों का डंडा चलने लगा है, पर सवाल यह है कि किसानों के हक की ये कालाबाजारी आखिर कब रुकेगी?





