बरेली में ‘यातायात माह 2025’ का शुभारंभ एडीजी रामित शर्मा बोले,

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बरेली में ‘यातायात माह 2025’ का शुभारंभ एडीजी रामित शर्मा बोले,

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली

“सड़क सुरक्षा जिम्मेदारी नहीं, आदत बनाएं”

बरेली। बरेली में शनिवार को ‘यातायात माह 2025’ का शुभारंभ बड़े उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन एडीजी रामित शर्मा ने किया।

इस मौके पर डीआईजी बरेली जोन अजय कुमार साहनी, एसएसपी, और एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान समेत पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कई स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

कार्यक्रम में ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर नई नीतियों और तकनीकी सुधारों पर चर्चा हुई।

नई रणनीति के साथ शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था

एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस वर्ष कई ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ प्रमुख इलाकों में ई-रिक्शा पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है ताकि मुख्य सड़कों पर जाम की समस्या को कम किया जा सके।

इसके अलावा, स्कूलों में ट्रैफिक अवेयरनेस प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, जिससे बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी विकसित हो सके।

एसपी ट्रैफिक ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए करीब 10 मिलियन लोगों तक जागरूकता संदेश पहुँचाया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो इन अभियानों की सफलता को दर्शाता है।

एसएसपी का संदेश “नियमों की जानकारी ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी”

एसएसपी बरेली ने जनता से अपील की कि वे सड़क पर निकलते समय नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा

“यातायात नियमों का पालन तभी संभव है जब लोग उन्हें जानें और समझें। हेलमेट, सीट बेल्ट और संयम से ड्राइविंग यही जीवन की गारंटी है।”

एसएसपी ने खासतौर पर युवाओं को गलत साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार से बचने की चेतावनी दी और कहा कि परिवार का इंतज़ार हमेशा घर पर होता है, अस्पताल में नहीं।

डीआईजी अजय कुमार साहनी का लक्ष्य “2030 तक सड़क हादसे आधे करना”

डीआईजी बरेली जोन अजय कुमार साहनी ने कहा कि पूरे जोन में यातायात माह के दौरान जागरूकता रैली, स्कूल कार्यक्रम, पोस्टर कैंपेन और रोड शो आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

डीआईजी ने अभिभावकों से भी अपील की

“कृपया 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन न सौंपें। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि उनके जीवन के लिए भी खतरा है।”

एडीजी रामित शर्मा का संदेश “जागरूकता ही असली उद्देश्य”

मुख्य अतिथि एडीजी रामित शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास है।

उन्होंने बताया कि वे स्वयं ट्रैफिक विभाग का कार्यभार संभाल चुके हैं और अनुभव से मानते हैं कि

“यदि बच्चों को स्कूल स्तर से ही ट्रैफिक शिक्षा दी जाए, तो भविष्य में सड़क हादसे अपने आप कम हो जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि इस अभियान में आधुनिक तकनीकी साधनों को शामिल किया जाएगा, जैसे स्मार्ट सिग्नल सिस्टम, सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग और एआई ट्रैफिक कंट्रोल, ताकि यातायात प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सके।

जनता से अपील “सड़क पर संयम ही असली स्मार्टनेस”

अंत में सभी अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया कि सड़क पर चलते समय संयम, सतर्कता और नियमों का पालन अपनी आदत बनाएं।

“एक हेलमेट, एक सीट बेल्ट, एक पल का धैर्य यही किसी परिवार की पूरी दुनिया बचा सकता है।”

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Author: Bhaskar News 24

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