SIR विवाद पर बोले यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना: “विपक्ष फैला रहा भ्रम, घुसपैठियों को सता रहा डर”

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SIR विवाद पर बोले यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना: “विपक्ष फैला रहा भ्रम, घुसपैठियों को सता रहा डर”

फिरोज खान/यूपी हेड
बब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

बरेली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर यूपी में लगातार विवाद गहराता जा रहा है। कई बीएलओ पर बढ़ते दबाव और हाल में हुई मौतों के बाद विपक्ष लगातार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहा है। इसी बीच बरेली पहुंचे प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने SIR अभियान को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और इसे पूरी तरह राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश बताया।

सर्किट हाउस में अधिकारियों संग बैठक

गुरुवार को बरेली सर्किट हाउस में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की।

वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया

राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे नारों पर रोक को लेकर पूछे गए सवाल पर खन्ना ने कहा “वंदे मातरम होना ही चाहिए। यह आजादी दिलाने वालों का प्रिय गीत है। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत दोनों ही आदरणीय हैं और प्रत्येक कार्यवाही में सम्मानपूर्वक शामिल होने चाहिए। विधानसभा में भी यही परंपरा है।”

अखिलेश यादव पर तीखा हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा SIR की समय-सीमा बढ़ाने की मांग पर खन्ना ने कहा कि अभियान अभी जारी है और फॉर्म भरने के लिए पर्याप्त समय है।

उन्होंने स्पष्ट किया “SIR सरकार का नहीं बल्कि चुनाव आयोग का विषय है। आयोग ही इसे करा रहा है और इस पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है।”

“घुसपैठियों को वोट कटने का डर सता रहा है ” – सुरेश खन्ना

वित्त मंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि वही लोग SIR पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्हें डर है कि घुसपैठियों ने गलत तरीके से वोट बनवा रखे हैं और अब उनके नाम कट सकते हैं।

“विपक्ष केवल भ्रम फैलाकर राजनीति कर रहा है। सही मतदाता को डरने की जरूरत नहीं है।” सुरेश खन्ना

SIR अभियान को लेकर यूपी में बवाल थम नहीं रहा है। एक ओर विपक्ष इसे भारी अव्यवस्था और कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव बता रहा है, वहीं सरकार इसे चुनाव आयोग द्वारा संचालित और पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया बता रही है। बयानबाजी बढ़ने के साथ ही अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

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Author: Bhaskar News 24

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