सूफी टोला सैलानी के दो बरातघरों पर बुलडोज़र कि कार्रवाई टली,

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सूफी टोला सैलानी के दो बरातघरों पर बुलडोज़र कि कार्रवाई टली,

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

बरेली। सूफी टोला स्थित दो चर्चित बरातघर गुड मैरिज हॉल और ऐवान-ए-फ़रहत—पर सोमवार को होने वाली प्रस्तावित बुलडोज़र कार्रवाई अंतिम समय में टल गई।

दोनों बरातघरों के मालिक सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान के करीबी माने जाते हैं, जिसकी वजह से पुराने शहर में सुबह से ही खासी हलचल रही। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने इन दोनों निर्माणों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी किए थे, जिनके वायरल होने के बाद से ही तनाव बढ़ गया था।

सुबह होते ही बारादरी थाना पुलिस की टीमें दोनों स्थानों पर तैनात हो गईं। हालात का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि गुड मैरिज हॉल के संचालक ने संभावित बुलडोज़र कार्रवाई के डर से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया था। स्थानीय लोगों को लग रहा था कि किसी भी क्षण बीडीए की टीम भारी फोर्स और बुलडोज़र लेकर पहुँच जाएगी।

लेकिन दोपहर बीतने के बाद भी बीडीए का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा, जिससे क्षेत्र में तरह–तरह की चर्चाएँ शुरू हो गईं। कुछ देर बाद यह जानकारी सामने आई कि फोर्स की कमी के चलते बीडीए ने ध्वस्तीकरण स्थगित कर दिया। अब कार्रवाई मंगलवार को संभावित बताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार दोनों बरातघर बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए गए हैं। इन पर ध्वस्तीकरण आदेश वर्ष 2011 से लंबित है, लेकिन कार्रवाई अचानक तेज़ इसलिए हुई क्योंकि 26 सितंबर के बरेली बवाल के बाद शासन ने आरोपियों और उनके कथित मददगारों पर सख़्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सूफी टोला और रज़ा चौक से कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह चर्चा तेज़ हुई कि युवाओं को उकसाने और उनकी व्यवस्था करने में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही। इसी दौरान जांच में सपा नेता आज़म खान से करीबी संबंध रखने वाले इन दोनों बरातघर संचालकों के नाम भी सामने आए, जिसके बाद बीडीए की सक्रियता और बढ़ गई।

हाल के दिनों में आज़म खान और मौलाना तौकीर रज़ा से जुड़े कई लोगों की संपत्तियों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है—कहीं मार्केट सील हुई, कहीं चार्जिंग स्टेशन और बरातघर तोड़े गए। उसी क्रम में गुड मैरिज हॉल और ऐवान-ए-फ़रहत पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही थी।

फिलहाल बुलडोज़र रुक गया है, लेकिन पुराने शहर में खौफ और उत्सुकता दोनों बनी हुई है। स्थानीय लोग मंगलवार का इंतज़ार कर रहे हैं कि बीडीए और पुलिस की संयुक्त टीम फिर लौटेगी या मामला किसी और दिशा में जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण आदेश मान्य है, इसलिए किसी भी वक्त बुलडोज़र चल सकता है।

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Author: Bhaskar News 24

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