रिश्वत में रंगे हाथ पकड़ा गया दरोगा, पुलिस कस्टडी में वीआईपी ट्रीटमेंट पर उठे सवाल

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रिश्वत में रंगे हाथ पकड़ा गया दरोगा, पुलिस कस्टडी में वीआईपी ट्रीटमेंट पर उठे सवाल

रिपोर्ट/राजेश सिंह 

खबर:

वाराणसी से सामने आए भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले ने पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए 2019 बैच के दरोगा शिवकर मिश्रा को कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई का सामना करना चाहिए था, लेकिन इसके उलट पुलिस कस्टडी में उन्हें कथित तौर पर वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने की चर्चाएं तेज हैं। यहां तक कि पेशी के लिए उन्हें लग्जरी कार से ले जाने की जानकारी भी सामने आई है।

मामला चंदौली जिले के अलीपुर मुगलक चक निवासी प्रहलाद गुप्ता से जुड़ा है, जिनका पत्नी ममता गुप्ता से लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी की ओर से पति के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज कराए गए थे। आरोप है कि जांच के दौरान दरोगा शिवकर मिश्रा ने अपने खास सिपाही गौरव द्विवेदी के जरिए प्रहलाद को बुलवाया और चार्जशीट लगाने की धमकी देते हुए पहले ₹50,000 और बाद में ₹20,000 की रिश्वत मांगी।

पीड़ित की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। 28 जनवरी को चौकी विद्यापीठ में तय योजना के तहत जैसे ही पैसे दिए गए, सिपाही गौरव द्विवेदी को ₹20,000 लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इसके बाद दरोगा और सिपाही दोनों को हिरासत में लिया गया।

हालांकि कार्रवाई के बाद सामने आई तस्वीरों और जानकारियों ने पूरे मामले को और विवादित बना दिया है। आरोप है कि रिश्वतखोरी में पकड़े गए दरोगा को कस्टडी में भी विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। इस घटनाक्रम ने पुलिस तंत्र की जवाबदेही और दोहरे मापदंडों पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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Author: Bhaskar News 24

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