*नीरज मौर्य की मांग : गौवंश की त्रासदी रोकने हेतु देशव्यापी गौवंश संरक्षण आयोग गठित हो!*

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*नीरज मौर्य की मांग : गौवंश की त्रासदी रोकने हेतु देशव्यापी गौवंश संरक्षण आयोग गठित हो!*

*सांसद नीरज मौर्य ने करी गौवंश संरक्षण आयोग की मांग*

 

रिपोर्ट/सत्य प्रकाश 

निर्वाचन क्षेत्र आंवला सहित उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में गौवंश सड़कों पर आवारा छोटा पशुओं के रूप में परेशान हो रहा है जहां गौवंश संरक्षण केंद्र गौशालाएं बनाए गए हैं वहां-वहां पर हमारी गाय माता भूखों तड़पकर मार रही है वह इस कारण से हमारे अन्नदाता किसान भाई भी दुखी व परेशान है अभी हाल ही में आंवला क्षेत्र में गौशाला के अंदर भूख व बीमारी के कारण लगभग 25 गाय मर गई जो दुखद है, इनको लेकर वहां किसानों में भी बहुत आक्रोश है अतः में सरकार से मांग करता हूं कि पूरे देश में एक गौवंश संरक्षण आयोग बनाया जाए जो इस समस्या का निवारण करें और किसान भाइयों की इस बड़ी समस्या का समाधान भी करवाए ।

 

 

लोकसभा में आंवला सांसद नीरज मौर्य ने बरेली में 1.23 करोड़ का पेंशन घोटाला को किया बेनकाब, केंद्र चुप्पी साधा

लोकसभा में आज

पेंशन योजनाओं में फर्जीवाड़ा बेनकाब, सांसद ने खोली व्यवस्था की पोल

 

सांसद नीरज मौर्य द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवाल से पेंशन योजनाओं में बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुल गई हैं। सांसद ने पूछा था कि क्या बरेली/आंवला क्षेत्र में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर जीवित लोगों को मृत दिखाते हुए विधवा और वृद्धावस्था पेंशन में करीब 1.23 करोड़ रुपये के गबन की जानकारी सरकार को है, देशभर में ऐसे कितने मामले सामने आए हैं और भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था बनाई जा रही है।

सरकार के लिखित उत्तर में यह तो स्वीकार किया कि विधवा पेंशन योजना के तहत 51 फर्जी मामले पकड़े गए हैं, जिनमें 18.02 लाख रुपये की पेंशन राशि वितरित की गई। सरकार ने यह भी बताया कि इन मामलों में पेंशन रोक दी गई है और वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है परन्तु सांसद द्वारा उठाए गए 1.23 करोड़ रुपये के आरोप पर केंद्र ने सीधे जवाब देने के बजाय आंकड़ा घटाकर पेश किया, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए।

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनना और लंबे समय तक पेंशन निकलते रहना व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है। सांसद नीरज मौर्य नें कहा कि केंद्र ने यह भी नहीं बताया कि पिछले पांच वर्षों में देशभर में फर्जी पेन्शन सम्बन्धित कुल कितने मामले पकड़े गये तथा कितनी राशि की रिकवरी हुई और दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई।

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Author: Bhaskar News 24

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