बनभूलपुरा से विजिलेंस तक दिखाया दम, अब राष्ट्रीय स्तर पर छाएंगे IPS प्रहलाद नारायण मीणा; WCCB में मिली बड़ी जिम्मेदारी
युवाओं के चहेते और पुलिसिंग में सख्त IPS मीणा अब वन्यजीव अपराध के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर संभालेंगे मोर्चा
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड कैडर के 2012 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रहलाद नारायण मीणा को वन्यजीव अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिली है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की नॉन-सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत उन्हें वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) में डिप्टी डायरेक्टर (इंटेलिजेंस एंड कोऑर्डिनेशन) के पद पर पांच वर्ष की प्रतिनियुक्ति दी गई है।
नई दिल्ली स्थित WCCB मुख्यालय में तैनाती के बाद आईपीएस प्रहलाद नारायण मीणा देशभर में सक्रिय वन्यजीव अपराध नेटवर्क के खिलाफ रणनीतिक कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएंगे। उनकी जिम्मेदारी में वन्यजीव अपराध से जुड़ी खुफिया सूचनाओं का संकलन एवं विश्लेषण, विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय तथा वन्यजीव तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करना शामिल होगा।
गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार को भेजा पत्र
नई नियुक्ति के संबंध में गृह मंत्रालय की ओर से उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजकर आईपीएस प्रहलाद नारायण मीणा को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद वह नई दिल्ली स्थित WCCB मुख्यालय में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
उत्तराखंड पुलिस में चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों का लंबा अनुभव
2012 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रहलाद नारायण मीणा ने उत्तराखंड पुलिस में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई में अपनी अलग पहचान बनाई है।
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर कई प्रभावी अभियान चलाए गए। महिलाओं और युवतियों से सार्वजनिक स्थानों पर अभद्रता करने वाले तथा अराजक तत्वों के खिलाफ चलाया गया ‘ऑपरेशन रोमियो’ भी उनके कार्यकाल के चर्चित अभियानों में शामिल रहा।
बनभूलपुरा हिंसा में संभाली थी चुनौतीपूर्ण कमान
8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा के दौरान तत्कालीन नैनीताल SSP प्रहलाद नारायण मीणा ने पुलिस बल का नेतृत्व करते हुए बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मोर्चा संभाला था।
भारी पथराव, आगजनी और बनभूलपुरा थाने में आगजनी की घटनाओं के बीच पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। घटना के बाद हिंसा में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए व्यापक कार्रवाई की गई।
विजिलेंस में ट्रैप कार्रवाई से भी बनाई पहचान
नैनीताल से पहले आईपीएस मीणा हल्द्वानी में पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ विजिलेंस में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। जनवरी 2022 में विजिलेंस SP की जिम्मेदारी संभालने के बाद करीब 20 महीने के कार्यकाल में रिश्वतखोरी के खिलाफ कई प्रभावी ट्रैप कार्रवाई की गईं। इस दौरान PCS स्तर के अधिकारी समेत 11 सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
साहसिक गतिविधियों में भी रहे सक्रिय
पुलिसिंग के साथ साहसिक गतिविधियों में सक्रियता के लिए भी प्रहलाद नारायण मीणा चर्चा में रहे हैं। भारतीय वायुसेना के साथ करीब 5,000 फीट की ऊंचाई से पांच बार पैरा जंपिंग कर उन्होंने अपनी साहसिक क्षमता का परिचय दिया था।
WCCB में राष्ट्रीय स्तर पर निभाएंगे अहम भूमिका
वन्यजीव अपराध का नेटवर्क कई राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक फैला हुआ है। ऐसे में खुफिया सूचनाओं का प्रभावी संकलन एवं विश्लेषण और विभिन्न राज्यों की पुलिस, वन विभाग तथा केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
डिप्टी डायरेक्टर (इंटेलिजेंस एंड कोऑर्डिनेशन) के रूप में आईपीएस प्रहलाद नारायण मीणा की नई भूमिका इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के अनुभव के बाद अब वह राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीवों के अवैध शिकार, वन्यजीव अंगों की तस्करी और संगठित वन्यजीव अपराध के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव का विषय
आईपीएस प्रहलाद नारायण मीणा की WCCB में नियुक्ति को उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। राज्य में चुनौतीपूर्ण पुलिसिंग का अनुभव रखने वाले मीणा अब राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव अपराध के खिलाफ खुफिया तंत्र और अंतर-एजेंसी समन्वय को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।




