पीड़ित बोला: लूट की जगह चोरी बना दी रिपोर्ट, इंसाफ मांगा तो जेल भेजने की दी धमकी

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पीड़ित बोला: लूट की जगह चोरी बना दी रिपोर्ट, इंसाफ मांगा तो जेल भेजने की दी धमकी

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली

सीबीगंज पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

बरेली। दिवाली की रात लूट का शिकार हुए एक युवक ने सीबीगंज थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने लूट की रिपोर्ट को चोरी में बदल दिया और जब उसने इंसाफ मांगा, तो उसे ही जेल भेजने की धमकी दी गई। मामला अब एसएसपी दफ्तर पहुंच गया है, जिससे थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

दिवाली की रात ऑटो में बैठे चार बदमाशों ने कंबल डालकर लूटे रुपये और बैग

गांव सनैयारानी मेवाकुंवर निवासी अजय गुप्ता के अनुसार, सोमवार (दिवाली की रात) वह अपनी ससुराल गोरखपुर से लौटकर बरेली जंक्शन पहुंचे थे। वहां से एक ऑटो लेकर गांव लौट रहे थे। मिनी बाईपास के पास चार युवक खड़े मिले जिन्होंने सीबीगंज थाने के पास उतरने की बात कहकर ऑटो रुकवाया और उसमें बैठ गए।

थोड़ी दूर जाते ही चारों ने कंबल डालकर अजय पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद उनकी जेब में रखे 11 हजार रुपये और बैग लूट लिए। किसी तरह वह बदमाशों के चंगुल से छूटकर लेबर कॉलोनी में अपने तहेरे भाई के घर पहुंचे और घटना की सूचना दी।

लोगों ने एक आरोपी को पकड़ा, पुलिस ने बनाई “चोरी” की रिपोर्ट

परिजनों ने जब तलाश शुरू की तो एक आरोपी को पकड़ लिया गया और डायल 112 पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।

लेकिन अजय गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने तहरीर लूट के तहत दी थी, जबकि पुलिस ने रिपोर्ट को चोरी की धाराओं में दर्ज कर दिया। इतना ही नहीं, पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर उन्हें भी “चोरी” के मामले में जेल भेज दिया गया।

इंसाफ मांगने पर मिली धमकी, अब एसएसपी से लगाई गुहार

अजय का कहना है कि जब उन्होंने रिपोर्ट में संशोधन और लूट की धाराएं जोड़ने की मांग की, तो थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें ही जेल भेजने की धमकी दी।

पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज पीड़ित अब एसएसपी कार्यालय पहुंच गया और थाना पुलिस पर लूट के मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। उसने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विवेचक की मनमानी से बढ़ी किरकिरी

सूत्रों का कहना है कि मामले की विवेचना कर रहे पुलिसकर्मी की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। विवेचक पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।

एसएसपी से शिकायत के बाद अब पूरा मामला विवेचक पुलिस की किरकिरी का कारण बन गया है। अफसर स्तर पर जांच शुरू होने की संभावना है।

अब सवाल उठता है कि जब पीड़ित ने खुद लूट की तहरीर दी थी, तो पुलिस ने इसे चोरी में क्यों बदल दिया? क्या यह दबाव में लिया गया फैसला था या किसी की मिलीभगत का नतीजा?

जवाब अब एसएसपी की जांच ही देगी।

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Author: Bhaskar News 24

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