दबंगई का नमूना: पुलिस कि वर्दी फाड़ने कि धमकी देना वाला योगेंद्र सिंह राणा हुआ गिरफ्तार,

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दबंगई का नमूना: पुलिस कि वर्दी फाड़ने कि धमकी देना वाला योगेंद्र सिंह राणा हुआ गिरफ्तार,

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/राजेश सिंह

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह राणा को देर रात पुलिसिया कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया है। राणा पर आरोप है कि उन्होंने शराब के नशे में पुलिस टीम पर हमला किया पुलिस वर्दी फाड़ने की कोशिश की और मारपीट की।

आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को बदनाम करने वाले शब्द भी कहे। घटना मझोला थाना क्षेत्र के रिलायंस पेट्रोल पंप के पास हुई। पुलिस ने राणा और उसके एक साथी को तुरंत हिरासत में ले लिया।

क्या है पूरा मामला

पुलिस की PRV टीम गश्त कर रही थी, तब उन्होंने एक संदिग्ध कार देखी गाड़ी से शराब की तेज़ बदबू आ रही थी। जब पुलिसकर्मियों ने पूछताछ शुरू की, राणा कार से बाहर उतरा और नशे में होते हुए पुलिस के साथ बहस करने लगा।

उसके साथियों ने भी पुलिस पर झपट्टा बोला। आरोप है कि उन्होंने वर्दी फाड़ने की कोशिश की, गाली गलौज की, और वहां मौजूद चौकी इंचार्ज तक को गाली दी। पुलिस ने संघर्ष के बाद दोनों आरोपियों को काबू कर लिया।

मामले में राणा और उसके साथी के खिलाफ “सरकारी काम में बाधा डालना”, “मारपीट”, “धमकी देना” और “पुलिस पर जानलेवा हमला” जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि राणा ने जान से मारने की कोशिश की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, उसके बाद जेल में भेजे जाने की तैयारी है।

पहले भी था विवाद इकरा हसन से ‘निकाह कुबूल’ बयान देकर दिया था कुछ ही महीनों पहले, योगेंद्र सिंह राणा ने एक वायरल वीडियो व सोशल-मीडिया पोस्ट में घोषित किया था कि उन्होंने इकरा हसन से निकाह कबूल किया है।

उन्होंने यह कहते हुए विवादित टिप्पणी की थी कि वे “धनी, सुंदर और जमीन-जायदाद वाले” हैं, पत्नी से अनुमति लेकर तैयार हैं, और अगर हसन चाहेंगी तो वह उन्हें अपनी दूसरी पत्नी बनाएंगे। साथ ही कहा था कि हसन को उनके घर में नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाएगी।

उनके इस बयान ने न सिर्फ महिला सांसद व मुस्लिम समाज का अपमान माना गया, बल्कि समाज में धार्मिक-जातीय तनाव की भी आशंका जगाई गई।

एसटी हसन जैसे सपा नेता इस टिप्पणी को “कानून-व्यवस्था व सामाजिक सौहार्द्वता के लिए खतरनाक” बताते हुए राणा की गिरफ्तारी की मांग उठा चुके थे।

कर्नी सेना के शीर्ष नेतृत्व ने भी कहा कि राणा का संगठन से कोई वास्तविक ताल्लुक नहीं है और उन्होंने स्पष्ट किया कि वह “असली राजपूत प्रतिनिधि नहीं” राणा के बयानों को संगठन की स्थिति नहीं माना जाएगा।

गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रशासन का रुख

पुलिस ने राणा और उसके साथी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया है। अब दोनों को जेल भेजे जाने की प्रक्रिया हो रही है। पुलिस का कहना है कि गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

उनकी गिरफ्तारी से स्पष्ट संदेश गया है कि किसी को भी सार्वजनिक प्रतिनिधि, संगठन या पद की आड़ लेकर पुलिस और कानून को चुनौती नहीं देनी चाहिए।

वहीं, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज ने इस घटना को व्यवस्था के लिए खतरा बताया है और मांग की है कि राणा जैसे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी सार्वजनिक पदाधिकारी या संगठन नाम का दुरुपयोग न कर सके।

आगे क्या हो सकता है? फिलहाल राणा को पुलिस हिरासत में लिया गया है, लेकिन आगे की जांच में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी भी हो सकती है।

पुलिस ने मेडिकल व अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद जेल भेजने की तैयारी की है आगे इस मामले में सुनवाई होगी।

इस घटना से यह उदाहरण सामने आया कि संगठन-नाम को ढाल बनाकर गुंडागर्दी, जातीय या धार्मिक भड़काऊ बयानों की हिम्मत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया व राजनीतिक विमर्श में इस मामले को व्यापक चर्चा मिली है, जिससे यह साफ हुआ कि ऐसे विवादित बयानों और हिंसा को समाज बर्दाश्त नहीं करता।

इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई और राजनीतिक व सामाजिक प्रतिक्रिया स्पष्ट रूप से दिखाती है कि कानून, समाज और समान सम्मान से जुड़े मूल्यों को भंग करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी।

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Author: Bhaskar News 24

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