औपचारिक आयोजनों में 3 मिनट 10 सेकंड का आधिकारिक संस्करण होगा प्रस्तुत, राष्ट्रगान के साथ तय प्रोटोकॉल का पालन जरूरी

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औपचारिक आयोजनों में 3 मिनट 10 सेकंड का आधिकारिक संस्करण होगा प्रस्तुत, राष्ट्रगान के साथ तय प्रोटोकॉल का पालन जरूरी

रिपोर्ट/राजेश सिंह

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और नियमित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों के आयोजनों और अन्य औपचारिक अवसरों पर ‘वंदे मातरम’ का गायन या वादन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से राष्ट्रीय भावना को मजबूती मिलेगी और नई पीढ़ी का देश के प्रतीकों से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।

नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि बड़े और औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ का पूरा आधिकारिक संस्करण प्रस्तुत किया जाएगा। यह संस्करण छह पंक्तियों का है, जिसकी अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। मंत्रालय ने कहा है कि जहां कार्यक्रम की प्रकृति और समय अनुमति दें, वहां पूरे संस्करण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि गीत का भाव और संदेश पूरी तरह से लोगों तक पहुंच सके।

दिशा-निर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी आयोजन में ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों शामिल हों, तो निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों के लिए सम्मान में खड़े रहना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने आयोजकों और प्रतिभागियों से अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की अपील की है।

शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों को दैनिक प्रार्थना सभा या आवश्यक शैक्षणिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के गायन को बढ़ावा देने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि बचपन से ही राष्ट्रीय गीतों और प्रतीकों से जुड़ाव छात्रों में देशभक्ति की भावना और नागरिक जिम्मेदारियों की समझ विकसित करता है।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये दिशा-निर्देश केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सकारात्मक राष्ट्रीय माहौल निर्माण की दिशा में एक पहल हैं। आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ के नियमित प्रयोग से राष्ट्रीय एकता और सामूहिक पहचान की भावना को बल मिलने की उम्मीद जताई गई है।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह पहल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को सरकारी और शैक्षणिक आयोजनों में एक प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। सरकार ने सभी संबंधित संस्थानों से निर्देशों का गंभीरता और सम्मान के साथ पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।

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Author: Bhaskar News 24

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