तौकीर रजा के पांच करीबी पर 1.25 करोड़ की बिजली चोरी का नोटिस, सात सहयोगियों पर इनाम

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तौकीर रजा के पांच करीबी पर 1.25 करोड़ की बिजली चोरी का नोटिस, सात सहयोगियों पर इनाम

फिरोज खान भास्कर टुडे
रिपोर्ट-राजेश सिंह

बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ बवाल के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

बरेली में मौलाना तौकीर रजा खां और उनकी संगठन इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद से भड़की हिंसा के बाद अब तौकीर रजा के करीबी पांच सहयोगियों पर बिजली चोरी का आरोप साबित हुआ है। विभाग ने 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली का नोटिस जारी किया है। यही नहीं, पुलिस ने इस बवाल के सात फरार आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

यह पूरा मामला अब बरेली में बिजली चोरी से लेकर हिंसा और राजनीतिक साजिश तक के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों पर बिजली चोरी का मामला दर्ज हुआ है, वे सभी तौकीर रजा के करीबी सहयोगी और आईएमसी से जुड़े कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं।

प्रेम नगर बानखाना इलाके में धड़ाधड़ छापेमारी, पकड़ी गई 1.25 करोड़ की बिजली चोरी

ऊर्जा विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पिछले सप्ताह बरेली के बानखाना इलाके में छापेमारी की थी। जांच के दौरान पांच ई-चार्जिंग स्टेशनों पर बिजली चोरी का खुलासा हुआ। इन केंद्रों के मालिकों पर आरोप है कि वे बिना मीटर के सीधे लाइन जोड़कर सरकारी बिजली से वाहनों की चार्जिंग करते थे।

मुख्य अभियंता (प्रथम जोन) ज्ञान प्रकाश ने बताया कि जांच के बाद सभी पांचों चार्जिंग स्टेशनों पर 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली का नोटिस जारी किया गया है। जिन लोगों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें –

वसीम खान पर ₹15.39 लाख

मोनिश खान पर ₹22.29 लाख

बरकात रजा खान पर ₹37.32 लाख

अमन रजा खान पर ₹26.92 लाख

गुलाम नबी पर ₹26.57 लाख

बकाया जुर्माना राशि न चुकाने पर वसूली प्रमाणपत्र (RC) जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

मुख्य अभियंता ने यह भी खुलासा किया कि यह इन लोगों की पहली गलती नहीं है। करीब एक साल पहले भी इन्हीं पांच आरोपियों की चार चार्जिंग यूनिटों में बिजली चोरी पकड़ी गई थी। बावजूद इसके, इन्होंने अपने तौर-तरीके नहीं बदले।

‘आई लव मोहम्मद’ बवाल के सात फरार साथियों पर इनाम

उधर, ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद से उपजे बरेली बवाल में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां पहले ही जेल में हैं, जबकि उनके सात करीबी साथी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 26 सितंबर को हुए बरेली उपद्रव के बाद दर्ज एफआईआर में सात मुख्य आरोपियों के नाम शामिल हैं। इन सभी पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

इनाम घोषित किए गए आरोपी हैं –

1.पूर्व पार्षद साजिद सकलेनी

2. अल्तमस रजा

3. अफजल बेग

4. नायाब

5. बब्लू खान

6. नदीम खान

7. अदनान सकलेनी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक साजिद सकलानी और अल्तमस रजा बारादरी थाना क्षेत्र में दर्ज कई मामलों में वांछित हैं। इन दोनों पर हिंसा भड़काने और भीड़ जुटाने का आरोप है।

प्रशासन सख्त – बरेली में ‘कानून और बिजली दोनों पर एक साथ कार्रवाई’

बरेली प्रशासन और बिजली विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई अब शहर की सियासत और कानून व्यवस्था दोनों को हिला रही है।
एक ओर तौकीर रजा और उनका संगठन ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के बहाने धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में जांच के घेरे में है, वहीं दूसरी ओर उनके सहयोगियों पर बिजली चोरी का खुलासा प्रशासन की “डबल सर्जिकल स्ट्राइक” के रूप में देखा जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि जिन ई-चार्जिंग केंद्रों से बिजली चोरी पकड़ी गई, वे लंबे समय से तौकीर रजा समर्थकों के संरक्षण में चल रहे थे। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि क्या इन केंद्रों से संगठन को आर्थिक मदद दी जा रही थी।

बरेली में कानून का डंडा – बवाल, वसूली, इनाम और गिरफ्तारी की श्रृंखला

26 सितंबर को हुए बरेली बवाल के बाद से शहर में लगातार प्रशासनिक दबिश जारी है। पहले मौलाना तौकीर रजा को जेल भेजा गया, फिर उनके आठ साथियों पर एलआईयू निगरानी कार्ड खोले गए। अब पांच सहयोगियों पर 1.25 करोड़ की वसूली और सात फरारों पर इनाम घोषित होने से माहौल गर्म है।

जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “सरकार का स्पष्ट संदेश है – कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। बिजली चोरी और हिंसा दोनों अपराध हैं, और दोनों पर समान सख्ती बरती जाएगी।”

राजनितिक गलियारों में हलचल

इन कार्रवाइयों के बाद बरेली ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कई जानकार इसे “तौकीर रजा नेटवर्क की सफाई अभियान” के रूप में देख रहे हैं।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई हो रही है।

बरेली में अब एक बात साफ है – सरकार ने तौकीर रजा और उनके संगठन के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने का पूरा मन बना लिया है।
‘आई लव मोहम्मद’ बवाल की चिंगारी से शुरू हुआ विवाद अब बिजली चोरी, आर्थिक गड़बड़ी और फरार अपराधियों की तलाश तक पहुंच चुका है।
अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले दिनों में तौकीर रजा खां और उनके नेटवर्क पर और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

 

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Author: Bhaskar News 24

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