बरेली में ‘भूसा फरमान’ पर बवाल: स्कूलों से मांगा गया 46 किलो भूसा, नहीं देने पर कार्रवाई की चेतावनी

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बरेली में ‘भूसा फरमान’ पर बवाल: स्कूलों से मांगा गया 46 किलो भूसा, नहीं देने पर कार्रवाई की चेतावनी

बरेली। जिले के नवाबगंज ब्लॉक से बेसिक शिक्षा विभाग का एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल आदेश में सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों से 46-46 किलो भूसा जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि तय समय में भूसा जमा न होने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पत्र सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स में नाराजगी बढ़ गई है।

क्या है पूरे मामले में

वायरल पत्र के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा निराश्रित गोवंशों के लिए चारा-भूसा एकत्र करने का अभियान चलाया जा रहा है। डीएम बरेली के निर्देश और बेसिक शिक्षा अधिकारी के पत्र के आधार पर नवाबगंज ब्लॉक को 100 कुंतल भूसा इकट्ठा करने का लक्ष्य दिया गया। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज ने ब्लॉक के सभी सरकारी स्कूलों को 46 किलो भूसा जमा कराने का आदेश जारी किया।

आदेश में कहा गया है कि स्कूल भूसा खंड विकास अधिकारी अथवा पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा कर उसकी रसीद बीईओ कार्यालय में उपलब्ध कराएं।

‘बच्चों को पढ़ाएं या भूसा जुटाएं?’

पत्र वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई शिक्षकों और यूजर्स ने सवाल उठाया कि शिक्षकों को पढ़ाई छोड़कर अब भूसा जुटाने की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है। फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स पर लोग इसे शिक्षा व्यवस्था का मजाक बता रहे हैं।

कुछ यूजर्स ने लिखा कि शिक्षकों पर पहले ही गैर-शैक्षिक कार्यों का बोझ है, अब उनसे भूसा दान कराने का आदेश देना अनुचित है।

शिक्षकों में नाराजगी

नाम न छापने की शर्त पर एक प्रधानाध्यापक ने बताया कि 46 किलो भूसा खरीदने में करीब 400 से 500 रुपये तक खर्च आ सकता है। विभाग की ओर से कोई बजट या सहायता नहीं दी गई है। ऊपर से कार्रवाई की चेतावनी ने शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है।

शिक्षकों का कहना है कि सरकारी आदेशों का दबाव इतना बढ़ गया है कि अब निजी वेतन से भी व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं।

प्रशासन का पक्ष

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जिले में आवारा गोवंश की बढ़ती समस्या को देखते हुए विभिन्न विभागों को भूसा और चारा एकत्र करने का लक्ष्य दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग से भी सहयोग मांगा गया था। नवाबगंज ब्लॉक को मिले लक्ष्य को स्कूलों में विभाजित कर दिया गया।

शिक्षक संगठन करेंगे विरोध

वायरल आदेश के बाद शिक्षक संगठनों ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए बीएसए बरेली से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराने की बात कही है। संगठनों का कहना है कि शिक्षकों से गैर-शैक्षिक कार्य कराना लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

किन अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बरेली

खंड विकास अधिकारी, नवाबगंज

पशु चिकित्साधिकारी, नवाबगंज

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और शिक्षक वर्ग प्रशासन से आदेश वापस लेने की मांग कर रहा है।

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Author: Bhaskar News 24

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