बरेली दौरे पर प्रमुख सचिव ने सराहा महिला डेयरी किसानों का मॉडल, सृजनी दुग्ध उत्पादक कंपनी का किया निरीक्षण

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बरेली दौरे पर प्रमुख सचिव ने सराहा महिला डेयरी किसानों का मॉडल, सृजनी दुग्ध उत्पादक कंपनी का किया निरीक्षण

फरीदपुर में डेयरी व्यवस्था का लिया जायजा, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की सराहना

बरेली, 16 जून। उत्तर प्रदेश शासन के ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के प्रमुख सचिव एवं जनपद बरेली के नोडल अधिकारी सौरभ बाबू (आईएएस) ने मंगलवार को फरीदपुर क्षेत्र का दौरा कर डेयरी क्षेत्र में कार्यरत सृजनी दुग्ध उत्पादक कंपनी लिमिटेड के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कंपनी की कार्यप्रणाली, दुग्ध संग्रह व्यवस्था तथा महिला किसानों की भागीदारी का विस्तार से अवलोकन किया।

भगवानपुर कुंदन स्थित कंपनी परिसर में प्रमुख सचिव ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखविंदर सिंह से डेयरी संचालन, दुग्ध संग्रह, भुगतान व्यवस्था और किसानों को मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है और किसानों को पशुपालन के प्रति अधिक से अधिक प्रेरित किया जाना चाहिए।

63 हजार से अधिक महिला किसान जुड़ीं

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सृजनी दुग्ध उत्पादक कंपनी लिमिटेड किसानों के स्वामित्व वाली एक प्रमुख डेयरी कंपनी है। वर्तमान में कंपनी आठ जनपदों में संचालित अपने नौ मिल्क चिलिंग सेंटरों के माध्यम से 63,445 महिला किसानों से प्रतिदिन लगभग 2.30 लाख लीटर दूध एकत्र कर उसे ठंडा करने के बाद प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग इकाइयों तक पहुंचा रही है।

यह जानकारी सुनकर प्रमुख सचिव ने महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी और डेयरी क्षेत्र में उनके योगदान की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार और आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराने में डेयरी मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

बसावनपुर में मिल्क पूलिंग प्वाइंट का भी किया निरीक्षण

कंपनी के निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ग्राम बसावनपुर पहुंचे, जहां सृजनी दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा स्थापित मिल्क पूलिंग प्वाइंट का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां लगे डेयरी उपकरणों, दूध संग्रह प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था की जानकारी ली।

इस दौरान उपस्थित महिला किसानों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने डेयरी व्यवसाय से होने वाली आय और उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

समय पर भुगतान से महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

महिला किसानों ने प्रमुख सचिव को बताया कि कंपनी द्वारा दूध की आपूर्ति के बदले निर्धारित समय पर नियमित भुगतान किया जाता है। इससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।

किसानों ने कहा कि डेयरी व्यवसाय से प्राप्त आय ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नियमित आय मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और ग्रामीण महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

ग्रामीण विकास में डेयरी मॉडल की भूमिका अहम

निरीक्षण के अंत में प्रमुख सचिव ने अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन को डेयरी गतिविधियों के विस्तार तथा अधिक से अधिक किसानों, विशेषकर महिलाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेयरी आधारित आजीविका मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

फरीदपुर क्षेत्र में संचालित यह डेयरी मॉडल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सफल उदाहरण के रूप

में उभर रहा है।

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Author: Bhaskar News 24

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