बरेली बवाल: आरोपियों के मकान, मार्केट और बरातघर प्रशासन के रडार पर,100 से अधिक संपत्तियां चिह्नित हुई
फिरोज खान भास्कर टुडे
रिपोर्ट-राजेश सिंह
फाइक एनक्लेव फेस 2 में तौकीर रजा के करीबी फरहत का तीन मंजिला मकान कभी भी हो सकता है सील
बरेली। जुमे की नमाज के बाद भड़के बरेली बवाल के आरोपियों पर जिला प्रशासन और पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जहां अब तक 82 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, वहीं अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर प्रशासन का डंडा चलने वाला है। बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) ने आरोपियों और उनके सहयोगियों की 100 से अधिक संपत्तियों को चिह्नित कर लिया है। इनमें आलीशान मकान, बड़े मार्केट और बरातघर शामिल हैं। दशहरे के बाद इन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों की संपत्तियों पर प्रशासन की नजर
बीडीए की टीमें पुलिस की सूची के आधार पर लगातार स्थलीय सर्वेक्षण और रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हैं। जिन मकानों और कॉम्प्लेक्स का नक्शा पास नहीं है या जिनमें शर्तों का उल्लंघन पाया गया है, उन पर पहले सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई होगी। अवैध निर्माण की पुष्टि होते ही उन्हें ध्वस्त भी किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
फरहत का तीन मंजिला मकान सील होने की तैयारी
सबसे बड़ा झटका मौलाना तौकीर रजा को पनाह देने वाले फरहत खां के परिवार को लगने वाला है। फरहत का फाइक एन्क्लेव स्थित तीन मंजिला मकान बीडीए के निशाने पर है। बीडीए की रिपोर्ट के मुताबिक, 120 वर्गमीटर जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है। नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत मुकदमा दर्ज कर, मकान को 3 अक्टूबर से पहले खाली करने का आदेश दिया गया है। आज यानी शुक्रवार को बीडीए मकान को सील करेगा।
बारादरी थाना पुलिस ने फरहत की पत्नी खुशनसीब को नोटिस थमा दिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि समय पर घर खाली नहीं किया गया तो जबरन सीलिंग की कार्रवाई होगी।
परिवार में मातम, पत्नी ने लगाई सीएम योगी से गुहार
फरहत की गिरफ्तारी के बाद उसका परिवार गहरे संकट में है। पत्नी खुशनसीब और बहू शाहीन का कहना है कि उन्हें उस गुनाह की सजा दी जा रही है, जो उन्होंने किया ही नहीं है। खुशनसीब की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बेटी फिजा के साथ रिश्तेदारी में भेज दिया गया है। मीडिया के सामने उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई कि उनके घर को न तोड़ा जाए और पति व बेटे मोइन को निर्दोष मानकर रिहा किया जाए।
प्रशासन का सख्त संदेश
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए पहले ही साफ कर चुके हैं कि बवालियों को हर स्तर पर सबक सिखाया जाएगा। उनका कहना है कि बवाल के आरोपियों और उनके मददगारों पर बीडीए भी सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहा है। “अवैध निर्माण की एक-एक ईंट का हिसाब लिया जाएगा।”
बरेली में बवाल के बाद प्रशासन की यह कार्रवाई केवल आरोपियों को सबक सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी के लिए चेतावनी है जो कानून को हाथ में लेने की सोच रखते हैं। आने वाले दिनों में दर्जनों मकान, दुकानें और बरातघर सील और ध्वस्त हो सकते हैं। साफ है कि इस बार सरकार और प्रशासन का रुख बेहद कठोर है — उपद्रवियों की संपत्ति बख्शी नहीं जाएगी।





