गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे बदायूं में बन रहा औद्योगिक गलियारा:

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गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे बदायूं में बन रहा औद्योगिक गलियारा:

फिरोज खान/यूपी हेड
ब्यूरो रिपोर्ट/हैदर अली

लगेगी 200 फैक्ट्रियां, 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

दातागंज और बिनावर क्षेत्र में अधिग्रहीत हुई 26 सौ बीघा भूमि, 40 कंपनियों ने लगाए उद्योग लगाने के लिए आवेदन

बदायूं/उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति अब तेजी से जमीनी स्तर पर आकार लेती दिख रही है। बदायूं जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे बिनावर और दातागंज क्षेत्र में बड़ा औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) विकसित किया जा रहा है। इसके लिए करीब 26 सौ बीघा भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। यूपीडा (UPEIDA) के तहत चल रही इस परियोजना में 200 से अधिक कंपनियों को बसाने की योजना है। इनमें से अब तक 40 कंपनियां उद्योग लगाने के लिए आवेदन कर चुकी हैं।

दो बड़े औद्योगिक हब बिनावर और दातागंज

बिनावर और दातागंज के ग्रामीण इलाकों में भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

बिनावर के घटपुरी क्षेत्र में 1600 बीघा जमीन

दातागंज के पापड़ गांव में 1000 बीघा भूमि अधिग्रहीत की गई है।
यहां सड़क, बिजली, पानी और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं का काम प्रगति पर है। निर्माण की गति भले कुछ धीमी हो, लेकिन स्थानीय प्रशासन का कहना है कि 2026 के मध्य तक पहला चरण पूरा करने का लक्ष्य है।

200 फैक्ट्रियों की स्थापना से बदलेगी जिले की तस्वीर

औद्योगिक गलियारा बनने के बाद बदायूं जिले का औद्योगिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा।
यहां 200 कंपनियों की स्थापना प्रस्तावित है। इनमें से 40 कंपनियों ने यूपीडा की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया है।

इन उद्योगों में मेंथा ऑयल, हैंडीक्राफ्ट, पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग यूनिट्स और इलेक्ट्रॉनिक असेंबली जैसी फैक्ट्रियां शामिल होंगी।

अनुमान है कि करीब 50,000 लोगों को सीधा और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

घटपुरी जंक्शन बनेगा विकास का केंद्र

गंगा एक्सप्रेस-वे पर बिनावर के घटपुरी में प्रस्तावित जंक्शन इस औद्योगिक गलियारे की रीढ़ बनेगा।

इस जंक्शन के माध्यम से माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन को बड़ी सुविधा मिलेगी।

यह न केवल बदायूं बल्कि बरेली, शाहजहांपुर, संभल, मुरादाबाद और लखनऊ जैसे शहरों से भी औद्योगिक जुड़ाव बढ़ाएगा।

40 गांवों की 50 हजार आबादी को सीधा लाभ

औद्योगिक गलियारे से आसपास के 40 गांवों की करीब 50 हजार की आबादी को सीधा फायदा होगा।

स्थानीय लोग चाय की दुकानें, भोजनालय, ट्रांसपोर्ट, सर्विस सेंटर, गोदाम, और छोटे व्यापार खोल सकेंगे।
इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

जमीनों के दाम चार गुना बढ़े औद्योगिक क्षेत्र बनने से पहले तक इस इलाके की जमीन दो लाख रुपये प्रति बीघा बिकती थी,

लेकिन अब कीमत बढ़कर आठ लाख रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है।
जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण से बच गई है, वे अब खुद छोटे उद्योग या व्यवसाय शुरू कर रहे हैं।

स्थानीय उद्यमियों को मिलेगी प्राथमिकता उपायुक्त उद्योग अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि“औद्योगिक गलियारे में जिले के उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। हमारा पहला प्रयास रहेगा कि बदायूं के ही उद्योगपति यहां यूनिट लगाएं। इसके बाद अन्य जिलों के निवेशकों को अवसर दिया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि पहला औद्योगिक क्षेत्र बिनावर में और दूसरा दातागंज में विकसित किया जा रहा है।

इससे जिले में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे का विकास तेजी से होगा।

बदायूं बनेगा पश्चिमी यूपी का नया औद्योगिक केंद्र गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद बदायूं का भौगोलिक महत्व काफी बढ़ गया है।
औद्योगिक गलियारा शुरू होने के बाद यह क्षेत्र
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का नया औद्योगिक केंद्र (New Industrial Hub) बन सकता है।

यहां के उद्योग न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के बाजारों में भी उत्पादों की आपूर्ति करेंगे।

स्थान: बिनावर व दातागंज (बदायूं)

भूमि अधिग्रहण: 2600 बीघा

फैक्ट्रियों की संख्या: 200 (40 आवेदन प्राप्त)

रोजगार के अवसर: 50,000 से अधिक

लाभार्थी गांव: 40 भूमि मूल्य वृद्धि: ₹2 लाख से ₹8 लाख प्रति बीघा

बदायूं जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे बन रहा यह औद्योगिक गलियारा न केवल जिले की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खोलेगा।

यूपी सरकार की यह परियोजना ग्रामीण विकास, निवेश और रोजगार सृजन तीनों का संगम बनकर उभरेगी।

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Author: Bhaskar News 24

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