जौनपुर में भाजपा विधायकों के प्रतिनिधियों की गुंडई! PWD एकाउंटेंट से कार्यालय में मारपीट, कानून व्यवस्था पर सवाल
रिपोर्ट/सत्य प्रकाश
जौनपुर। जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देता एक गंभीर मामला सामने आया है। भाजपा के शाहगंज विधायक और बदलापुर विधायक के प्रतिनिधि बताए जा रहे रजनीश सिंह और गुड्डू प्रधान पर PWD विभाग के एकाउंटेंट राममिलन यादव के साथ कार्यालय में ही मारपीट करने का आरोप लगा है।
घटना सरकारी कार्यालय के भीतर हुई, जहां एक सरकारी कर्मचारी अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा था।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के अंतर्गत आता है।
➡ धारा 332 – लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए चोट पहुंचाना
➡ धारा 353 – लोक सेवक के साथ सरकारी कार्य में बाधा डालने के लिए हमला
➡ धारा 323/325 – मारपीट व चोट पहुंचाना
➡ धारा 506 – आपराधिक धमकी
इन धाराओं में गैर-जमानती अपराध तक बनता है, इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होना सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद सरकारी कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकारी दफ्तर भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है।
विपक्ष का आरोप है कि सत्ता संरक्षण के चलते भाजपा नेताओं और उनके प्रतिनिधियों पर कानून हाथ डालने से कतरा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि यदि यही घटना पूर्ववर्ती सरकारों में हुई होती, तो मीडिया में इसे बड़े स्तर पर उछाला जाता।
लोगों का कहना है कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते जेबकतरी जैसी छोटी खबरों तक को हेडलाइन बनाया जाता था, लेकिन आज सरकारी कर्मचारी के साथ सरेआम मारपीट पर भी बड़े मीडिया संस्थान खामोश हैं।
यह घटना केवल एक कर्मचारी पर हमला नहीं, बल्कि कानून, संविधान और सरकारी तंत्र पर सीधा हमला है। अब देखना यह है कि प्रशासन कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई करता है या मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा।


