ठेले पर तड़पती जिंदगी, अस्पताल बना तमाशबीन! बरेली जिला अस्पताल की शर्मनाक तस्वीर ने खोली स्वास्थ्य विभाग की पोल

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ठेले पर तड़पती जिंदगी, अस्पताल बना तमाशबीन! बरेली जिला अस्पताल की शर्मनाक तस्वीर ने खोली स्वास्थ्य विभाग की पोल

रिपोर्ट सत्य प्रकाश 

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आई एक दर्दनाक तस्वीर ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के तमाम दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। जिला अस्पताल में इंसानियत को झकझोर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक लाचार बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को हाथ ठेले पर लादकर अस्पताल पहुँचाने को मजबूर हो गया। वजह—समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली और अस्पताल में इलाज के नाम पर केवल लापरवाही मिली।

ठेले पर पत्नी, आँखों में बेबसी

जिला अस्पताल के बाहर का यह दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुँचा बुजुर्ग अपनी पत्नी की जान बचाने की उम्मीद में उसे ठेले पर लेकर अस्पताल पहुँचा, लेकिन वहाँ भी उसे राहत नहीं मिली। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में घंटों तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। अस्पताल का स्टाफ भी संवेदनहीन बना रहा।

कैमरे के सामने फूट पड़े बुजुर्ग ने रोते हुए कहा— “अगर मेरी पत्नी यहाँ रही तो मर जाएगी… कोई देखने वाला नहीं है।”

कागजों में दौड़ रही एम्बुलेंस सेवाएँ

सरकार भले ही हर गाँव और हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन बरेली की यह तस्वीर बताती है कि ज़मीनी हकीकत कितनी भयावह है। करोड़ों रुपये खर्च करने वाला स्वास्थ्य विभाग एक बुजुर्ग को समय पर एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं करा पाया।

इमरजेंसी में भी नहीं मिली इमरजेंसी मदद

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी आखिर कर क्या रहे थे? क्या मरीजों की जान अब भगवान भरोसे छोड़ दी गई है? जिला अस्पताल इलाज का केंद्र कम और रेफरल व लापरवाही का अड्डा ज्यादा बनता जा रहा है।

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

यह शर्मनाक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। आम जनता पूछ रही है कि आखिर गरीब और बेसहारा लोग जाएँ तो जाएँ कहाँ?

अब कार्रवाई या फिर लीपापोती?

अब निगाहें स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या इस अमानवीय लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, या फिर हर बार की तरह जांच के नाम पर मामला दबा दिया जाएगा? बरेली की यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि चरमराई सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का खुला सच है।

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Author: Bhaskar News 24

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