बरेली पुलिस का संगठित अपराध पर बड़ा प्रहार, गोकशी, मादक पदार्थ तस्करी और लूटपाट से जुड़े तीन गैंग जिला स्तरीय माफिया घोषित
रिपोर्ट राजेश सिंह
बरेली। जनपद में संगठित अपराध पर शिकंजा कसते हुए बरेली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गोकशी, मादक पदार्थों की तस्करी और लूटपाट जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल तीन संगठित अपराधी गिरोहों को जिला स्तरीय माफिया घोषित किया गया है। यह कार्रवाई जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार थाना फरीदपुर और थाना शाही पुलिस ने इन गिरोहों के आपराधिक इतिहास, गतिविधियों और आर्थिक लाभ के स्रोतों की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से गंभीर अपराधों को अंजाम देकर अवैध आर्थिक और भौतिक लाभ अर्जित कर रहे थे। उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा था, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इसी आधार पर तीनों गिरोहों को जिला स्तरीय माफिया के रूप में चिह्नित किया गया है।
थाना फरीदपुर पुलिस की जांच में फातून पुत्र दौलत खां निवासी मेवासफपुर के नेतृत्व में संचालित गोकशी गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने गिरोह को माफिया चिन्हीकरण संख्या एम-18/2026 के तहत जिला स्तरीय गोकश माफिया घोषित किया है। इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों को भी पुलिस ने चिन्हित कर लिया है और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसी क्रम में मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त मोटे शेर खान पुत्र नवशेर खान को भी जिला स्तरीय माफिया घोषित किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी कर अवैध कमाई कर रहा था। उसे एम-19/2026 के अंतर्गत मादक पदार्थ तस्कर माफिया के रूप में चिन्हित किया गया है।
वहीं थाना शाही पुलिस की कार्रवाई में नन्हे उर्फ नन्हे उर्फ लालताप्रसाद के नेतृत्व में सक्रिय लूटपाट करने वाले संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया। यह गिरोह अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदातों को अंजाम देकर आर्थिक लाभ अर्जित करता था। पुलिस ने इस गिरोह को एम-20/2026 के तहत जिला स्तरीय अपराध माफिया घोषित किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
बरेली पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। माफिया घोषित किए गए अपराधियों की संपत्तियों की जांच, अवैध कमाई के स्रोतों का पता लगाने और उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य जिले में संगठित अपराध का पूरी तरह सफाया कर आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है।


