गौलापार में खेलों का नया अध्याय: CM धामी ने ₹43.50 करोड़ के क्रीड़ा विश्वविद्यालय की रखी नींव
राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र का आगाज, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित

हल्द्वानी, 29 अगस्त 2026। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर शनिवार को हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में उत्तराखण्ड के खेल जगत को बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय एवं मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसी के साथ विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। वहीं मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।
‘खेलभूमि’ के रूप में पहचान बनाएगा उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर क्रीड़ा विश्वविद्यालय की शुरुआत उत्तराखण्ड के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण पड़ाव है। विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ियों को अब उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करने के साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में क्रीड़ा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को तैयार करने का बड़ा केंद्र बनेगा।
मेजर ध्यानचंद को किया याद
मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन को भी अपनी सफलता का आधार बनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
युवा खिलाड़ियों को आर्थिक मदद और बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
खेल के दौरान चोट लगने और आकस्मिक परिस्थितियों में खिलाड़ियों को बीमा तथा आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है। प्रतिभाओं को तलाशने और स्थानीय एवं पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का भी गठन किया गया है।
29 खिलाड़ियों को मिल चुकी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है।
38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया जारी है।
हर जिले की होगी अपनी खेल पहचान
राज्य में खेलों का आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। लोहाघाट में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित किया जा रहा है। वहीं ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के जरिए हर जिले की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने की तैयारी है।
इसके साथ ही अलग-अलग खेल विधाओं के लिए प्रदेश में 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। उत्तराखण्ड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा चुका है।
2027 राष्ट्रीय खेल से लेकर ओलंपिक-2036 तक की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस केवल वर्तमान उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। 2027 के राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक हासिल करने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन के आकलन के लिए ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है। इसके जरिए उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि वे पूरे समर्पण और मेहनत के साथ मैदान में उतरें। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक परेशानी या संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों के रास्ते में बाधा न बने।
खेल प्रतिभाओं को मिला सम्मान
राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम में वर्ष 2024 और 2025 के लिए विभिन्न खेल पुरस्कार प्रदान किए गए।
वर्ष 2024 में एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार और एथलेटिक्स के लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया।
वर्ष 2025 में शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य तथा बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार मिला। मॉडर्न पैंटाथलॉन की टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह एवं ममता खाती तथा बॉक्सिंग की एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया।
सभी पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर और शॉल प्रदान किए गए।
पदक विजेताओं और प्रशिक्षकों को भी नकद पुरस्कार
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को भी पुरस्कृत किया गया। इनमें अंकिता, खुशी चंद, मनीषा चौहान, रफीक अहमद, भूमिका, राहुल सिंह, चिराग बरेठा, मनोज सरकार, मनदीप कौर, सक्षम प्रताप सिंह, शेफाली रावत, निलिमा राय, आर्यावंश त्यागी और भूमि सहित अन्य खिलाड़ी शामिल रहे।
वहीं प्रशिक्षकों में लोकेश कुमार, बिजेन्द्र मल्ल, अमित, गिरीश कुमार और नितिन कुमार को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट और विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी विचार रखे।
इस दौरान विधायक राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, उत्तराखण्ड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डे समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।





