बरेली में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सख्त हुए डीएम अविनाश सिंह, सिंगल यूज़ प्लास्टिक और जैव चिकित्सा अपशिष्ट पर कार्रवाई के निर्देश
जिला पर्यावरण एवं गंगा समिति की बैठक में रामगंगा संरक्षण, सीवेज प्रबंधन और कचरा निस्तारण की हुई समीक्षा
बरेली, 29 अगस्त। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण एवं गंगा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, रामगंगा नदी संरक्षण, सीवेज प्रबंधन, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट निस्तारण तथा वृक्षारोपण समेत पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
डीएम ने हेल्थ केयर फैसिलिटीज से निकलने वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
रामगंगा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में चिन्हित नालियों की सफाई की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि नकटिया और किला नदी क्षेत्र में सेप्टिक टैंक नहीं बनवाने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और ड्रेनों की टैपिंग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अनटैप्ड जल के उपचार के लिए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर तेज होगा अभियान
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा में डीएम ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ जब्ती एवं प्रवर्तन अभियान तेज करने को कहा। वहीं वृक्षारोपण के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को लैंड बैंक योजना के तहत उपयुक्त भूमि चिन्हित कर शीघ्र सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
लीगेसी वेस्ट के निस्तारण की समीक्षा में नगर आयुक्त ने बताया कि अब तक करीब 15 लाख टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष कचरे के निस्तारण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रदूषणकारी वाहनों पर भी कार्रवाई
यातायात विभाग ने बताया कि जुलाई माह में प्रदूषणकारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 542 वाहनों के चालान कर 54.20 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला गया। वहीं परिवहन विभाग ने 43 वाहनों के चालान के सापेक्ष 0.43 लाख रुपये प्रशमन शुल्क वसूला।
नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी में रबर फैक्ट्री की खाली भूमि पर वर्षों से जमा ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से नियमानुसार कूड़े का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नदियों के किनारे ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में फ्लड एरिया निर्धारण, औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट प्रबंधन, पराली एवं बायोमास दहन की रोकथाम, सड़कों की स्वच्छता और आर्द्रभूमियों को अधिसूचित कराने सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ दीक्षा भंडारी, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, उपजिलाधिकारी सदर ईशिता किशोर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे।





