उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया की विज्ञापन दरें बढ़ाने की मांग, CM धामी को सौंपा ज्ञापन
हिमालय डिजिटल मीडिया एसोसिएशन ने उठाई आवाज, सांसद अजय भट्ट ने भी मुख्यमंत्री से कार्रवाई का किया आग्रह
हल्द्वानी, 29 अगस्त। उत्तराखंड के छोटे और मध्यम डिजिटल मीडिया संस्थानों की बढ़ती संचालन लागत और सीमित आय के बीच विज्ञापन दरों में उचित वृद्धि की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी को लेकर हिमालय डिजिटल मीडिया एसोसिएशन ने हल्द्वानी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपकर सूचना विभाग में सूचीबद्ध डिजिटल मीडिया संस्थानों, न्यूज पोर्टल्स और वेबसाइटों की विज्ञापन दरों का वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप पुनरीक्षण करने की मांग की।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि डिजिटल मीडिया आज समाचार और सूचनाओं को जनता तक पहुंचाने का सबसे तेज माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में दूरस्थ पहाड़ी और सीमांत क्षेत्रों से खबरें जुटाकर उन्हें कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाने में न्यूज पोर्टल्स और डिजिटल मीडिया संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बढ़ती तकनीकी लागत से बढ़ी चुनौती
एसोसिएशन के अनुसार डिजिटल मीडिया के विस्तार के साथ इसके संचालन का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। वेबसाइट सर्वर और होस्टिंग, डोमेन, तकनीकी रखरखाव, कैमरे व अन्य उपकरण, वीडियो शूटिंग एवं एडिटिंग, ग्राफिक्स, सोशल मीडिया संचालन, परिवहन और कंटेंट निर्माण के साथ पत्रकारों व संवाददाताओं के मानदेय का खर्च संस्थानों को उठाना पड़ता है।
दूरदराज के इलाकों में खबरों की कवरेज के लिए पत्रकारों को कई किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। बारिश, बर्फबारी, आपदा और सड़क बंद होने जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी पत्रकार मौके पर पहुंचकर समाचार जनता तक पहुंचाते हैं। ऐसे में मौजूदा विज्ञापन दरों और बढ़ती लागत के बीच गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को लंबे समय तक जारी रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
‘डिजिटल मीडिया को मिले उसकी भूमिका के अनुरूप सम्मान’
हिमालय डिजिटल मीडिया एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से डिजिटल मीडिया की बढ़ती पहुंच, भूमिका और संचालन लागत को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग की विज्ञापन दरों में सम्मानजनक वृद्धि करने का आग्रह किया।
एसोसिएशन का कहना है कि विज्ञापन दरों में उचित वृद्धि केवल मीडिया संस्थानों के आर्थिक हित से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध पत्रकारों, संवाददाताओं और जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे मीडिया कर्मियों की आजीविका से भी है।
आर्थिक आधार मजबूत होने से छोटे और मध्यम डिजिटल मीडिया संस्थान बेहतर तकनीकी संसाधन जुटाने के साथ ही पत्रकारों और संवाददाताओं को नियमित एवं सम्मानजनक मानदेय देने में भी सक्षम होंगे।
सांसद अजय भट्ट ने भी मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग
डिजिटल मीडिया की विज्ञापन दरों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मामले का संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
सांसद की ओर से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े संस्थानों की मांगों पर सकारात्मक विचार किए जाने की आवश्यकता जताई गई है।
पर्वतीय पत्रकार संघ ने भी उठाए पत्रकार हितों के मुद्दे
इधर, पर्वतीय पत्रकार संघ की ओर से भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार हितों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को उनके सामने रखा गया। पत्रकारों ने अपनी व्यावहारिक दिक्कतों और लंबे समय से लंबित विषयों के समाधान की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
पत्रकार संगठनों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे पत्रकारों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
CM धामी ने दिया सकारात्मक भरोसा
पत्रकारों और डिजिटल मीडिया संस्थानों की मांगों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक रूप से सुना। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पत्रकारों और डिजिटल मीडिया संस्थानों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक समाधान निकालने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अब डिजिटल मीडिया संस्थानों और पत्रकार संगठनों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है। उम्मीद है कि सरकार की पहल से सीमित संसाधनों के बावजूद जनता तक जरूरी और विश्वसनीय खबरें पहुंचाने वाले पत्रकारों और डिजिटल मीडिया संस्थानों को राहत मिलेगी।





