8 साल के बच्चे से 84 साल के बुजुर्ग तक एकजुट हुए ग्रामीण, राजस्व ग्राम की मांग ने पकड़ा जोर
मानपुर-प्रतापपुर समेत कई गांवों के ग्रामीणों ने उठाई राजस्व ग्राम बनाने की मांग, सात साल से जारी है जागरूकता अभियान
हल्द्वानी। राजस्व ग्राम की मांग को लेकर मानपुर, प्रतापपुर, कालीपुर, जसपुर, खोलिया, त्रिलोकपुर, दानी, हरिपुर और ठटोला समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान ग्राम स्तरीय समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि नीरज रैक्वाल के साथ मनोज रजवार, नवीन पांडे, रतन सिंह, योगेंद्र सिंह, हरिस सिंह, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, राम सिंह, विजय बसेरा, भट्ट जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
आंदोलन में खास बात यह रही कि 8 वर्ष के बच्चों से लेकर 84 वर्ष तक के बुजुर्ग, युवा, माताएं, महिलाएं और अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों ने इसे अपनी एकता और जागरूकता की मिसाल बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उनका कहना है कि उनके पूर्वज पशुपालक और अशिक्षित होने के कारण वर्ष 1962 में अपनी भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं करा पाए, जिसका खामियाजा आज भी ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब सात वर्षों से लगातार जागरूकता अभियान चलाकर मानपुर, प्रतापपुर, कालीपुर, जसपुर, खोलिया, त्रिलोकपुर, दानी, हरिपुर और ठटोला सहित आसपास के गांवों के लोगों को अपने अधिकार और भूमि संबंधी दस्तावेजों के प्रति जागरूक किया गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि वे सरकार के समक्ष अपनी मांग सम्मानजनक और संवैधानिक तरीके से रखते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है। उनका कहना है कि अब गांव के लोग अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुके हैं और राजस्व ग्राम की मांग को लेकर एकजुट होकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि ग्रामीणों को अपनी भूमि और अधिकारों को लेकर स्थायी समाधान मिल सके।





