ऐतिहासिक फैसला: गुजरात कोर्ट ने गोहत्या मामले में तीन दोषियों को सुनाई उम्रकैद, तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना भी
अहमदाबाद/गांधीनगर। गुजरात की गांधीनगर जिला अदालत ने गोहत्या से जुड़े एक मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले को गुजरात के गोवंश संरक्षण कानून के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
दोषियों की पहचान वसीम कुरैशी, मोहम्मद रईस कुरैशी और अहमद कुरैशी के रूप में बताई गई है। अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
55 पन्नों के फैसले में धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भों का उल्लेख
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर.एस. राजपूत द्वारा दिए गए विस्तृत फैसले में भारतीय परंपरा और हिंदू धार्मिक ग्रंथों से जुड़े विभिन्न संदर्भों का उल्लेख किया गया। फैसले में गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर भी टिप्पणी की गई।
अदालत की टिप्पणियों में कहा गया कि भारतीय परंपरा और हिंदू संस्कृति में गाय का विशेष स्थान है तथा उसे केवल एक पशु के रूप में नहीं देखा जा सकता। फैसले में वेदों, मनुस्मृति और अन्य प्राचीन धार्मिक ग्रंथों के संदर्भों का भी उल्लेख किया गया।
मामले में पुलिस ने की थी कार्रवाई
मामला गांधीनगर जिले के एक गांव से जुड़ा बताया गया है, जहां पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद एक स्थान पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर गोमांस और गोहत्या से संबंधित सामग्री बरामद होने की बात सामने आई थी।
मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
2017 के संशोधित कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान
गुजरात सरकार ने वर्ष 2017 में गोवंश संरक्षण से संबंधित कानून में संशोधन कर गोहत्या के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान किया था। कानून के तहत गंभीर मामलों में अधिकतम आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
गांधीनगर अदालत का यह फैसला गोवंश संरक्षण कानून के कड़े प्रावधानों के तहत एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।
भास्कर न्यूज24




