किराए के मकान में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, ‘महादेव- महाकाल’ ऐप से देशभर में ठगी – बरेली पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़

Picture of Bhaskar News 24

Bhaskar News 24

Share करें

✓ Link copy हो गया!

किराए के मकान में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, ‘महादेव- महाकाल’ ऐप से देशभर में ठगी – बरेली पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़

दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार; 15 राज्यों में फैला था साइबर ठगी का नेटवर्क

रिपोर्ट राजेश सिंह 

बरेली। जिले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी गेमिंग और बेटिंग ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के करीब 15 राज्यों के लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। मामले के खुलासे के बाद साइबर ठगी के इस संगठित नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

किराए के मकान में बनाया था फर्जी कॉल सेंटर

साइबर क्राइम थाना पुलिस के अनुसार बरेली के आशुतोष सिटी इलाके में एक किराए के मकान में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। यहां से गिरोह के सदस्य देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को फोन कर ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते थे।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी कर मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवाबगंज के आदर्शनगर निवासी सूर्याभान पटेल और भुता थाना क्षेत्र के कैमुआं कला गांव निवासी विनीत के रूप में हुई है। वहीं गिरोह का मुख्य सरगना शिवम कुमार पुलिस कार्रवाई से पहले ही फरार हो गया।

छापेमारी में मिला भारी मात्रा में सामान

पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला बड़ा नेटवर्क बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 3 वाईफाई राउटर, 7 डिजिटल क्यूआर डिवाइस, 1 क्यूआर कोड, 12 सिम कार्ड, कई सिम रैपर, 7 चेकबुक, 5 बैंक पासबुक और 13 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।

इन सभी उपकरणों का इस्तेमाल लोगों से पैसे ट्रांसफर कराने और अलग-अलग खातों में रकम भेजने के लिए किया जाता था।

15 राज्यों तक फैला था ठगी का जाल

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था। अब तक केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, झारखंड, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, पंजाब, असम, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र के लोगों को इस गिरोह ने निशाना बनाया है।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

ऐसे फंसाते थे लोगों को जाल में

एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर के मुताबिक आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पहले कॉल करके भरोसा जीतते और फिर अधिक मुनाफे का लालच देकर उन्हें ‘महादेव’ और ‘महाकाल’ नाम के फर्जी गेमिंग व बेटिंग ऐप डाउनलोड कराते थे।

इसके बाद पीड़ितों को एक क्यूआर कोड भेजा जाता और निवेश के नाम पर उनसे पैसे ट्रांसफर कराए जाते। रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेज दी जाती थी। कुछ समय बाद ऐप में पैसा डूबने का बहाना बनाकर आरोपी संपर्क खत्म कर देते थे।

NCRP पोर्टल की शिकायत से हुआ खुलासा

इस पूरे मामले का खुलासा नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (NCRP) पर दर्ज एक शिकायत की जांच के दौरान हुआ। पुलिस ने ट्रांजेक्शन से जुड़े आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबरों की जांच की, जिससे लोकेशन बरेली के आशुतोष सिटी इलाके में मिली।

इसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।

पुलिस का कहना है कि फरार सरगना समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।

Bhaskar News 24
Author: Bhaskar News 24

Share करें

✓ Link copy हो गया!
सबसे ज्यादा पड़ गई